अन्तराल (महासमर #5)
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इस खंड में द्यूत में हारने के पश्चात् पांडवों के वनवास की...
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इस खंड में द्यूत में हारने के पश्चात् पांडवों के वनवास की कथा है । कुंती, पाण्डु के साथ शत-श्रृंग पर वनवास करने गई थी । लाक्षागृह के जलने पर, वह अपने पुत्रों के साथ हिडिम्ब वन में भी रही थी । महाभारत की कथा के अंतिम चरण में, उसने धृतराष्ट्र, गांधारी तथा विदुर के साथ भी वनवास किया था । किन्तु अपने पुत्रों के विकट कष्ट के इन दिनों में वह उनके साथ वन में नहीं गयी । वह न द्वारका गयी, न भोजपुर । वह हस्तिनापुर में विदुर के घर पर क्यों रही ? इस प्रकार अनेक प्रश्नों के उत्तर निर्दोष तर्कों के आधार पर अंतराल में प्रस्तुत किये हैं ।
- Format:Hardcover
- Pages:296 pages
- Publication:2010
- Publisher:Vani Prakashan
- Edition:
- Language:hin
- ISBN10:
- ISBN13:9788170553991
- kindle Asin:B0072HZCHU








