बर्मी लड़की (मंटो अब तक - 20)
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मण्टो ‘सर्द पक्षधरता’ का कायल नहीं है, इसीलिए उसकी...
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मण्टो ‘सर्द पक्षधरता’ का कायल नहीं है, इसीलिए उसकी कहानियाँ, समान रूप से, संवेदनशील पाठकों को बड़ी तीव्रता और गहराई के साथ विचलित करती हैं। वह सारी बेचैनी जिसे मौजूदा निजाम में मण्टो महसूस करता है, उसे वह बड़ी खूबी के साथ अपने पाठकों तक पहुँचा देता है। वह तिलमिलाहट, जिसने मण्टो को ये कहानियाँ लिखने के लिए उकसाया है, पाठक भी महसूस करते है और उस आक्रोश के तहत, जो मण्टो में शिद्दत से उभरता है, वे भी ‘स्वराज्य के लिए’ के गुलाम अली की ची़ख में अपना स्वर मिलाना चाहते हैं:
- Format:Hardcover
- Pages:104 pages
- Publication:
- Publisher:Vani Prakashan
- Edition:
- Language:hin
- ISBN10:9350722763
- ISBN13:9789350722763
- kindle Asin:B0FN9G7GGX









